बारिश के लिये खेतों में नग्‍न होकर पूजा कर रहीं महिलाएं

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Published: Tuesday, July 3, 2012, 12:42 [IST]

लखनऊ। आसमान में उमड़ते-घुमड़ते बादलों को देखने के लिए आंखे तरस गयी लेकिन आग ही बसरती रही। पूरा जून बीत गया, जुलाई शुरू हो गयी, पर मौसम जस का तस। खास बात यह है कि इंद्र देव को प्रसन्‍न करने के लिये यूपी में तमाम महिलाएं खेतों में नग्‍न होकर पूजा कर रही हैं।

सूखे की आंशका से भयभीत लोग अब रूठे मानसून को मनाने के लिए इन्द्रदेव की शरण में है। आस्था पर टोटकों के सारे हर कोई किसी कवायद में लगा है कि सूखी धरती झमाझम बारिश से तर-बतर हो जाये। बारिश न होने से गर्मी जहां लोगों को बेहाल कर रही है वहीं किसान की चिन्ता बढ़ती जा रही है।

इन्द्रदेवता की मेहरबानी न होने से किसान धान की फसल बोने से भी डर रहे हैं। इंद्र देवता को खुश करने के लिए तरह-तरह के टोटकों का सहारा लिया जा रहा है। कोई हवन कर रहा है तो कोई पर परागत तरीकों के जरिए भगवान इन्द्र को मनाने में जुटा है। प्रदेश में जगह-जगह टोटके किए जा रहे हैं और उनके तरीके भी खासे दिलचस्प हैं। अर्से से सूखे की मार झेल रहे बुंदेलखंड में महिलाएं इंद्र देवता को खुश करने के लिए आजकल रात में नग्न होकर खेतों में पूजा-पाठ कर रही हैं।

बांदा में वर्षा ना होने से परेशान कुछ किसानों ने एक पैर पर खड़े होकर प्रार्थना की। इसके अलावा जिले की मस्जिदों में भी बारिश के लिए दुआ की जा रही है। जालौन में रूठे इंद्र देवता को प्रसन्न करने के लिए इन दिनों महिलाएं खेतों में खास पकवान ले जाकर पूजा-पाठ और खोज कर रही हैं। कुछ अन्य टोटके भी किए जा रहे हैं, जिनमें खेत की मेड़ की पूजा और बैलों को गुड़ खिलाना शामिल है। उधर हमीरपुर और गोरख पुर जिलों के विभिन्न गांवों में बारिश के लिए भगवान को मनाने के वास्ते 'काल कलौती' नामक विशेष टोटका किया जा रहा है। इसमें गांव के बच्चों की टोली घर-घर जाती है और उन घरों की महिलाएं दरवाजे के पास पानी डालती हैं जिसमें वे बच्चे लोटते हुए गाते हैं- 'काल कलौती, उज्ज्र धोती, मेघा सारे पानी दे..।'

बारिश न होने से स्थिति यह है कि समूचा उत्तर प्रदेश बारिश नहीं होने के कारण कराह रहा है। बारिश नहीं होने से धान, अरहर, मूंग, गन्ना, ज्वार, बाजरा और मक्का की खड़ी फसलें सूखी जा रही हैं। वर्षा नहीं होने से धान की बोआई एक महीने पिछड़ गई है।

Story first published: Tuesday, July 03, 2012, 12:42 [IST]
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